Sunday, 29 March 2020

अमित शाह ने दिया योगी को झटका, मुख्यमंत्री योगी को अपना बड़ा फैसला बदलना पड़ सकता है


इस समय पूरा देश लॉक डाउन हुआ पड़ा है, और मजदूरों एवं हर दिन कमा कर खाने वाले लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है, सभी मजदूर अपने घर की तरफ वापस लौटने की कोशिश में लगे हुए हैं। 
 इसी बीच सीएम योगी ने यह ऐलान किया कि सभी मजदूरों को उनके घर वापस भेजने के लिए, यूपी सरकार करीब 200 सरकारी बसों को चालू करेगी और सभी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाएगी।
लेकिन केंद्र के गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर पानी फेर दी है, उन्होंने कहा- सभी राज्य सरकारें अपने यहां से हो रहे मजदूर पलायन को रोके और उनके लिए इंतजाम करें, जो मजदूर जहां पर है, वहीं पर उन्हें रोक कर रखा जाए।

अब देखना यह होगा कि इन दोनों फैसलों में से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कौन से फैसले का स्वागत करते हैं।
आपको इन दोनों फैसलों में से कौन सा फैसला उचित लगता है|

Saturday, 28 March 2020

कोरोना की वैक्सीन तैयार कर वैज्ञानिकों ने महिला को लगाई सूई, फिर जो हुआ.

चीन से निकला कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया में महामारी के रूप में फैल चुका है। इस खतरनाक वायरस ने अब तक 7 हजार लोगों की जान जा चुकी है जबकि 122 देशों के डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं।
इस बीच अमेरिकी शोधकर्ताओं ने सोमवार को कोरोना वायरस के पहले टीके का पहला परीक्षण किया। अमेरिका के सियाटल में एक महिला को पहली बार कोरोना वैक्सीन की सूई दी गई।


सियाटल के रिसर्च इंस्टीट्यूट में एक चिकित्साकर्मी ने कोविड-19 का टीका एक महिला को लगाया। सूई लेने के बाद दो बच्चों की मां जेनिफर ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं शानदार महसूस कर रही हूं।
इस महिला के अलावा तीन और लोगों को टीका दिया जाएगा।

अब वैज्ञानिक इस वैक्सीन के असर का अध्ययन कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के सामने अब ये साबित करने की चुनौती है कि ये टीका सुरक्षित है और सफलतापूर्वक संक्रमण को रोक पाता है।

अभी 12 से 18 महीने का करना होगा और इंतजार हालांकि अगर ये परीक्षण सफल भी हो जाता है तो भी बाजार में वैक्सीन को आने में 12 से 18 महीने लगेंगे। क्योंकि इस टीके का असर समझने में कई महीने लग सकते हैं।
इस परीक्षण के लिए 18 से 55 साल के 45 स्वस्थ लोगों का चयन किया गया है। इन पर 6 हफ्ते तक टीके के असर का अध्ययन किया जाएगा। ये वैक्सीन दुनिया में रिकॉर्ड टाइम में विकसित किया गया है।

केपीडब्ल्यू रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक इस वैक्सीन को विकसित करने में जी-जान से लगे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कामयाबी के लिए अपने देश के डॉक्टरों की तारीफ की है।


उन्होंने कहा है कि इसका क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया जा चुका है, यब दुनियाभर में अबतक सबसे जल्दी विकसित किया गया टीका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बीमारी के खिलाफ एंटी वायरल और दूसरे थेरेपी भी विकसित करने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

कोरोना के खौफ के बीच देश के लिए आई बड़ी खुशखबरी, जानकर ख़ुशी से झूम उठेंगे

कोरोनावायरस का संक्रमण भारत में तेजी से फ़ैल रहा है इसके संक्रमण को रोकने के लिए मोदी सरकार ने देश भर में 21 दिनों के लॉक डाउन का ऐलान किया है |

हालाँकि इस बीच देश के लिए एक बड़ी खुशखबरी भी आई है देशभर में लॉकडाउन के कारण पिछले पांच दिनों में महानगरों समेत 104 शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में 25 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है |

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस बात का दावा किया है सीपीसीबी के मुताबिक लॉकडाउन के कारण गाड़ियों और कारखानों सें कार्बन उत्सर्जन काफी हद तक घटा है |



जनता कर्फ्यू के दिन 22 मार्च से गुरुवार तक शहरों में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारकों (पीएम 10, पीएम 2.5 और एनओ) के उत्सर्जन में गिरावट दर्ज की गई |

एयर क्वालिटी इंडेक्स संतोषजनक स्तर पहुंच गई है इस लिस्ट में दिल्ली, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, नोएडा, चंडीगढ़, कानपुर, कोच्चि, उदयपुर जैसे शहर शामिल हैं वहीं वाराणसी और ग्रेटर नोएडा सहित 14 शहरों में वायु गुणवत्ता सामान्य श्रेणी में पहुंच गई |



Thursday, 26 March 2020

17 की उम्र में घरवालों ने करवा दी थी शादी, अब हैं 3 बच्चों की मां और कोरोना की हैं मरीज़

17 की उम्र में घरवालों ने करवा दी थी शादी, अब हैं 3 बच्चों की मां और कोरोना की हैं मरीज़

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर सिंगर कनिका कपूर की ज़िन्दगी काफी दुखों भरी हैं. कनिका जब 17 साल की थी तभी उनके घरवालों ने उनकी शादी डॉक्टर राज चंदोक से साल 1997 में करवा दी थी और शादी के बाद उन्हें 3 बच्चें भी हैं
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लेकिन कनिका का अपने पति संग रिश्ता ज़्यादा सालों तक नहीं चल सका और शादी के 16 साल बाद दोनों ने एक दूसरे से किसी बात को लेकर तलाक ले लिया. अब कनिका की ज़िन्दगी में एक और बड़ी मुसीबत और मौत का खतरा मंडरा रहा हैं.

यह ख़बर पूरी तरह से पूरे भारत में फ़ैल गई हैं की कनिका की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं. कनिका ने अब तक 3 बार कोरोना टेस्ट करवाया हैं और तीनों भी बार कनिका पॉजिटिव ही पाई गई हैं. जानकारी के लिए बता दे कनिका 15 मार्च को लंदन से लखनऊ आई और हवाई अड्डे के कर्मचारियों की मिली भगत से बाथरूम में छुपने की जगह भाग गई.

कनिका का फिर शुक्रवार के दिन लखनऊ में कोरोना टेस्ट किया गया जिसमें कनिका की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इतना ही नहीं कनिका के साथ मौजूद 35 लोगों में से 11 लोगों की रिपोर्ट कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव आई. अब सभी अस्पताल में कोरोना जैसी बड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं.

कोरोना से भारत में हुई 14वीं मौत, मरीजों की संख्या 690के पार, इन राज्यों में मचा कोहराम

कोरोना से भारत में हुई 14वीं मौत, मरीजों की संख्या 690के पार, इन राज्यों में मचा कोहराम

कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है अब तक 14 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है और 690 ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं प्रधानमंत्री ने मृत व्यक्ति के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा यह देश के लिए किसी भी आपदा से काम नई है हमें सबको मिल जुलकर कर इस महामारी से लड़ना होगा।
कोरोना से भारत में हुई 14वीं मौत



श्रीनगर में 65 साल के मरीज ने दम तोड़ा उसके संपर्क में आये चार संक्रमित लोग अब कोरोना वायरस से भारत में 14 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है सरकार लगातार जनता को घर मैं सुरक्षित रहने के लिए रही है लेकिन जनता इसका पालन नहीं कह रही है इस कारण से लगातार कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है
इन राज्यों में मचा कोहराम




कोरोना वायरस का लगातार प्रकोप महाराष्ट्र और केरल में बढ़ता जा रहा है इसके अलावा, कर्नाटक, गुजरात में भी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देश में कोरोना को रोकने के लिए प्रयास जारी हैं लेकिन जनता को नियमों का पालन करना होगा तभी भारत कोरोना वायरस मुक्त होगा।

COVID-19: कोरोना पहुंचा अपने अंतिम चरण मे, इस वैज्ञानिक का दावा

दोस्तों वैश्विक महामारी बन चुके कोरोनावायरस से पूरी दुनिया त्रस्त है और समान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है लेकिन क्या कोरोनावायरस अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। आपको बता दें कि ऐसा ही दावा किया जा रहा है और यह दावा नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल लेविट ने कि है जो कोरोना के कहर के बीच काफी राहत भरा साबित हो सकता है।


आपको बता दें कि रसायन विज्ञान में 2013 का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले माइकल लेविट ने 'द लॉस एंजिल्स टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हमें कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए जो करना चाहिए, वो हम कर रहे हैं। साथ ही माइकल लेविट ने एक भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग ने दुनिया को एक बूस्टर शॉट दिया है जो इस समय महामारी से लड़ने के लिए जरूरी है। इसलिए कोविड-19 का कहर जल्द ही खत्म हो जाएगा।


नोबेल पुरस्कार विजेता ने बताया कि कहा कि भले ही कोरोना के बढ़ते मामलों की संख्या परेशान करने वाली है, मगर धीमी वृद्धि के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। अगर माइकल लेविट की यह भविष्यवाणी सही है तो वाकई काफी सुखद भविष्यवाणी है और हम सब चाहेंगे ऐसा ही हो और हम इस महामारी को सोशल डिस्टेंसिंग से मात देकर विजेता बने।