Sunday, 29 March 2020

धोनी ने कोरोना को रोकने के लिए दान किए सिर्फ इतने रुपए, सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल के शिकार!

दोस्तों बता दें कि इन दिनों विश्वभर में लोग कोरोनावायरस नामक महामारी का मार झेल रहे हैं। वहीं इस वायरस का एपिसेंटर चीन में इस वायरस ने लाखों लोगों की जान ली हैं और कई हजार लोगों की अभी भी इलाज चल रही हैं। वहीं चीन के बाद इस वायरस ने इटली, अमेरिका और स्पेन में अपना महामारी प्रलय दिखा रहा है। बता दें कि इस वायरस ने धीरे धीरे विश्वभर के देशों में बड़ी तेजी से पैर पसार रहा हैं। वहीं इससे निपटने के लिए विश्व के अन्य देशों के साथ साथ भारत में मोदी सरकार ने भी कमर कस ली हैं। इसी वजह से बीच 25 मार्च से ही देशभर में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन का आदेश दिया है। वहीं अब मोदी सरकार के साथ देश के बड़े बड़े उद्योगपतियों के साथ साथ बड़े बड़े हस्तियां, टीवी स्टार्स, फिल्म स्टार्स और खिलाड़ी बढ़ चढ़ कर प्रधान मंत्री रिलीफ फंड में दान कर रहे हैं, ताकि इस महामारी वायरस को रोका जा सके और मुश्किल में पड़े लोगों का मदद हो सके।


जिसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पुणे के दिहाड़ी मजदूरों के लिए 1 लाख रुपए दान में दिए हैं। वहीं इस बात की पुष्टि धोनी की पत्नी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर धोनी के फैंस बहुत भड़क गए और कहा कि सालाना करोड़ों रुपए की कमाई करने वाले धोनी ने सिर्फ 1 लाख रुपए ही दान में देना दुखद की बात है। आपकी जानकारी क्र लिए बता दें कि धोनी ने ये 1 लाख रुपए पुणे के एक चैरिटेबल ट्रस्ट को दिए हैं, जो पुणे के दिहाड़ी मजदूरों के खाने-पीने का सामान और जरुरी राशन पहुंचाने में मदद किये थे। उन्होंने कोरोना वायरस पर दान नहीं किये हैं।
दोस्तों धोनी की पत्नी साक्षी ने इस बात की पुष्टि की है। साक्षी अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए कहा कि मैं सभी मीडिया से यह अनुरोध करती हूं कि वह इस तरीके के संवेदनशील समय में झूठी खबरें ना फैलाएं। आप सभी को शर्म आनी चाहिए। मुझे इस समय आश्चर्य हो रहा है कि जिम्मेदार पत्रकारिता कहां गम हो गयी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सभी मीडिया हाउस ने इस तरीके की खबरें फैलाई थी कि धोनी ने गरीब लोगों की मदद के लिए पुणे के एक गैर सरकारी संगठन मुकुल माधव फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट में दान की है। ऐसी खबरें सामने आने के बाद धोनी आलोचकों के निशाने पर आ गए।

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